अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए। जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए। जिसकी ख़ुशबू से महक जाए पड़ोसी का भी घर फूल इस क़िस्म का हर सिम्त खिलाया…
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए। जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए। जिसकी ख़ुशबू से महक जाए पड़ोसी का भी घर फूल इस क़िस्म का हर सिम्त खिलाया…
कुछ भी बन, बस कायर मत बन!, ठोकर मार! पटक मत माथा!— तेरी राह रोकते पाहन! , कुछ भी बन, बस कायर मत बन! ले-दे कर जीना, क्या जीना?, कब…
सब देशों में देश महान, देश हमारा -हिन्दुस्तान,बच्चों सुनो लगाकर कान, 1-यहाॅं राम हैं, हैं रहमान, आवाहन हैं, यहाॅं अजान,रामायण हैं, यहाॅं कुरान। यहाॅं अली हैं, हैं हनुमान,अलबेले हैं, वीर…
(1) राह के रोड नहीं, रहजन नहीं, रहवर बनों, देश के अय नौजवानो, मील के पत्थर बनों। लोक मंगल के लिये, पीना पडे़ पी लो जहर,इस नये युग नये सुकरात…